Class 3 | Hindi | Veena | Ch. 13 पेड़ों की अम्मा ‘थिमक्का’
पेड़ों की अम्मा ‘थिमक्का’ Class 3 Question Answer
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास (पृष्ठ 110-113)
उत्तर-
पेड़-पौधे हमें सांस लेने के लिए ऑक्सीजन देते हैं। पेड़ हमें दवाइयाँ, कागज, लकड़ी से बना सामान व फर्नीचर, गोंद इत्यादि देने में सहायक होते हैं।
प्रश्न 2.
क्या आपने कभी किसी पौधे की देखभाल की है? कैसे?
उत्तर-
हाँ, मैंने भी एक आम के पेड़ को उगाया। मैंने आम की एक गुठली को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबाया और उसे पानी दिया। नियमित रूप से उसे पानी से सींचा व समय-समय पर उसमें खाद डाली। कुछ महीने में ही पौधा मिट्टी से बाहर आकर बढ़ने लगा।
प्रश्न 3.
यदि आपको समाज के लिए उपयोगी काम करने का अवसर मिले तो आप कौन-सा काम करेंगे?
उत्तर-
यदि मुझे अवसर मिले तो मैं गरीब अनाथ बच्चों को शिक्षित कर उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए सहायता करूँगा ताकि उनके जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैल सके।
सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1.
थिमक्का अपने किस काम के कारण प्रसिद्ध हुई?
उत्तर-
‘थिमक्का’ अम्मा पिछले 80 वर्षों से सड़कों के किनारे पौधे लगाने के लिए प्रसिद्ध हैं। अम्मा ने 45 किलोमीटर लंबे राजमार्ग पर लगभग 385 बरगद के पेड़ लगाए।
प्रश्न 2.
थिमक्का को और किस-किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर-
‘थिमक्का’ को ‘अम्मा’ और ‘वृक्षमाता’ के नाम से भी जाना जाता है।
प्रश्न 3.
अम्मा ने बरगद के पौधे लगाने क्यों शुरू किए थे?
उत्तर-
अम्मा ने पर्यावरण को बनाए रखने के लिए ही बरगद के पेड़ लगाने शुरू किए। बरगद का पेड़ सर्वाधिक विशाल तथा ऑक्सीजन देने वाला होता है जिससे मानव जीवन को सहायता मिलती है।
प्रश्न 4.
इतने सारे पेड़ लगाने के लिए अम्मा को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा होगा?
उत्तर-
अकेले इतने सारे पेड़ लगाने में ‘अम्मा’ को शारीरिक श्रम के साथ-साथ मानसिक बल की भी बहुत आवश्यकता पड़ी होगी ताकि उनकी हिम्मत ना टूटे। कुछ ने उनके इस कार्य का उपहास भी किया होगा। पैसों की कमी के चलते कुछ समय श्रमिक के रूप में कार्य भी किया।
पाठ के आगे
प्रश्न 1.
यदि आपको थिमक्का अम्मा का परिचय देना हो तो आप कैसे देंगे?
थिमक्का अम्मा का जन्म कर्नाटक के तुमकुरु जिले में हुआ था। ‘थिमक्का’ को ‘अम्मा’ और ‘वृक्षमाता’ के नाम से जाना जाता है। थिमक्का अम्मा 80 वर्षों से सड़कों के किनारे पेड़-पौधे लगा रही हैं। अम्मा ने 45 किलोमीटर लंबे राजमार्ग पर लगभग 385 बरगद के पेड़ लगाए जिससे पर्यावरण को बहुत लाभ हुआ। भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया। भारत के कई वनीकरण कार्यक्रमों में ‘थिमक्का’ अम्मा को आमंत्रित किया गया है।
प्रश्न 2.
यदि आपको अम्मा के काम में उनकी सहायता करने का अवसर मिले तो आप कैसे करेंगे?
उत्तर-
- पौधों को पानी देकर।
- उनका सहयोग करके।
- अपनी गुलक से पैसे देकर।
- उन्हें खाना खिलाकर।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
‘थिमक्का’ में ‘क्का’ आया है। ऐसे व्यंजनों को द्वित्व व्यंजन कहते हैं। ऐसे और शब्द सोचक्र दिए गए स्थान पर लिखिए-
उत्तर-
प्रश्न 2.
पेड़ को वृक्ष भी कहा जाता है। क्या आप बता सकते हैं कि अलग-अलग भाषाओं में पेड़ को क्या-क्या कहा जाता है-
उत्तर-
प्रश्न 3.
कई बार, हम एक वर्ण और एक अक्षर को मिलाकर एक नया ‘संयुक्त अक्षर’ बनाते हैं, जैसे-
उत्तर-
कुछ नया करें
प्रश्न 1.
आपने थिमक्का के बारे में पढ़ा और उनके काम से प्रेरित हुए। थिमक्का को एक पत्र लिखकर उन्हें अपने मन की बात बताइए-
उत्तर-
छात्र स्वयं करें।
प्रश्न 2.
चित्र देखकर उन वस्तुओं पर गोला
बनाएँ जो हमें पेड़ों से मिलती हैं-
उत्तर-
Class 3 Hindi Chapter 13 पेड़ों की अम्मा ‘थिमक्का’ पाठ का सार
इस पाठ में श्रीमती थिमक्का अम्मा के विषय में बताया गया है। उनका जन्म कर्नाटक के तुमकुरु जिले में हुआ था। वे पिछले 80 वर्षों से सड़कों के किनारे पौधे लगा रही हैं। इसलिए इन्हें ‘वृक्षमाता’ के नाम से भी जाना जाता है।
थिमक्का ने हुलिकल और कुदुर के बीच स्थित 45 किलोमीटर लंबे राजमार्ग पर 385 बरगद के पेड़ लगाए। उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर लगभग 8000 से अधिक पेड़ लगाए हैं। भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2019 में पद्मश्री से सम्मानित किया।
थिमक्का की उम्र 107 वर्ष है और वे आज भी समाजसेवा में लगी रहती हैं।
शब्दार्थ : श्रमिक – मज़दूर। रमणीय – सुंदर। उम्र – आयु। सक्रिय – लग्नशील। अभाव – कमी।
- इस पाठ को पढ़ने के बाद विद्यार्थी थिमक्का अम्मा के बारे में जानेंगे।
- पेड़ों और प्रकृति के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।
- भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कारों के विषय में जानेंगे।
- बच्चे पर्यावरण के प्रति जागरूक बनेंगे और पेड़-पौधों के प्रति रुचि पैदा होगी।
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